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पौराणिक कथाएँ 37
पौराणिक कथाएँ 37
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 37 • कथा BRQwdhU8YxnlAYe8mhSP
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भगवान परशुराम की कहानी साहस, आज्ञाकारिता और न्याय की एक ऐसी मिसाल है जो भारतीय इतिहास में अद्वितीय है। वे विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं और उन्हें 'अमर' (चिरंजीवी) होने का वरदान प्राप्त है। परशुराम का जन्म महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र के रूप में हुआ था। उनके बचपन का नाम राम था। वे भृगु ऋषि के कुल में जन्मे थे, इसलिए उन्हें 'भार्गव' भी कहा जाता है। उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें अपना अस्त्र 'परशु' (कुल्हाड़ी) प्रदान किया। इसी कारण उनका नाम 'परशुराम' पड़ा। परशुराम के जीवन की सबसे कठिन परीक्षा तब हुई जब उनके पिता जमदग्नि अपनी पत्नी (रेणुका) पर किसी कारणवश क्रोधित हो गए। उन्होंने अपने पुत्रों को माता का वध करने का आदेश दिया।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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