कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 43 • कथा IdLIwaF524D0oVI7PDtP
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देवी करिनीली का यह स्वरूप अध्यात्म और तंत्र की उस गहराई को दर्शाता है जहाँ शक्ति का विकराल रूप और वात्सल्य (ममता) एक ही बिंदु पर आकर मिल जाते हैं। उनकी कथा, उनके स्वरूप का रहस्य और उनसे जुड़ी तांत्रिक परंपराओं का एक विस्तृत विवरण देवी करिनीली: रक्षक काली और ममतामयी माता प्राचीन तांत्रिक ग्रंथों और दक्षिण भारतीय लोक परंपराओं में देवी करिनीली (जिन्हें कुछ स्थानों पर 'करीनीली' या नीलवर्णा शक्ति के रूप में जाना जाता है) को ब्रह्मांड की एक अत्यंत शक्तिशाली और गहरे श्याम वर्ण वाली रक्षिणी शक्ति माना गया है। उनका यह नाम उनके 'नील-कृष्ण' (गहरे नीले-काले) रंग से प्रेरित है, जो अनंत आकाश और अगाध समुद्र की गहराई का प्रतीक है।
