कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 32 • कथा tRv58CsQIrKpydt3RssH
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हनुमान जी के बचपन की यह कथा न केवल उनके असीमित बल को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक नन्हा बालक पूरे ब्रह्मांड में हलचल मचा सकता है। यह कहानी 'बाल समय रवि भक्षि लियो' के नाम से प्रसिद्ध है। यह उस समय की बात है जब हनुमान जी बहुत छोटे थे। एक सुबह, माता अंजना उन्हें कुटिया में सोता हुआ छोड़कर फल लेने के लिए वन में चली गईं। थोड़ी देर बाद हनुमान जी की नींद खुली और उन्हें बहुत जोर से भूख लगी। उन्होंने आसपास देखा, लेकिन खाने को कुछ नहीं था। तभी उनकी नजर पूर्व दिशा में उगते हुए लाल सुर्ख सूर्य पर पड़ी। सुबह का सूरज अपनी लालिमा बिखेर रहा था। नन्हे हनुमान को लगा कि आकाश में कोई बहुत बड़ा, गोल और रसीला लाल फल लटका हुआ है।
