कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 32 • कथा vcCgSYFPBTcfGomAkJIf
1 / 4
ब्रज के एक छोटे से गाँव में कुंभनदास नाम के एक परम भक्त रहते थे। वे भगवान कृष्ण और राधा रानी के अनन्य उपासक थे। उनका एक छोटा सा बेटा था जिसका नाम रघुनंदन था। एक बार कुंभनदास जी को किसी जरूरी काम से गाँव से बाहर जाना पड़ा। उन्होंने रघुनंदन को बुलाया और कहा, "बेटा, मैं जा रहा हूँ। तुम आज ठाकुर जी (कृष्ण-राधा) को भोग लगा देना। याद रखना, जब तक वे भोजन न कर लें, तुम वहीं बैठे रहना। " रघुनंदन बहुत छोटा था। उसने थाली सजाई और मंदिर में राधा-कृष्ण के विग्रह (मूर्ति) के सामने रख दी।
