श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 3 : Aranyakand • अध्याय 5JdIGYsFGvKxOl8a5z0J
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लक्ष्मण के जाते ही रावण ने संन्यासी का रूप धारण किया और हाथ में कमण्डलु व दण्ड लेकर पञ्चवटी आश्रम पहुँचा।

लक्ष्मण के जाते ही रावण ने संन्यासी का रूप धारण किया और हाथ में कमण्डलु व दण्ड लेकर पञ्चवटी आश्रम पहुँचा।