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पौराणिक कथाएँ 33
पौराणिक कथाएँ 33
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 33 • कथा 4Vw7JwuAAVCzmC2xFzNH
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मैं ना होता तो क्या होता पर एक प्रसंग। एक बार हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम से कहा कि अशोक वाटिका में जिस समय रावण क्रोध में भरकर तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ा, तब मुझे लगा कि इसकी तलवार छीन कर इसका सिर काट लेना चाहिये, किन्तु अगले ही क्षण मैंने देखा कि मंदोदरी ने रावण का हाथ पकड़ लिया, यह देखकर मैं गदगद् हो गया ! ओह प्रभु! आपने कैसी शिक्षा दी, यदि मैं कूद पड़ता तो मुझे भ्रम हो जाता कि यदि मै न होता तो क्या होता ?

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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