कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 33 • कथा EPQlyUDvzp2yJRSKSoTK
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जीण माता की कहानी भाई-बहन के अटूट प्रेम, त्याग और तपस्या की एक बेहद भावुक और प्रेरक कथा है। इनका मुख्य मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है। प्राचीन समय में चुरू जिले के 'घांघू' गांव में चौहान वंश के राजा घंघ के घर दो संतानों का जन्म हुआ—पुत्र हर्ष और पुत्री जीण। बचपन में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के कारण हर्ष ने अपनी छोटी बहन जीण को माता-पिता के समान स्नेह दिया। दोनों के बीच बहुत गहरा प्रेम था। समय बीतने पर हर्ष का विवाह हो गया। एक दिन जीण और उनकी भाभी (हर्ष की पत्नी) तालाब पर पानी भरने गईं। रास्ते में दोनों के बीच इस बात को लेकर विवाद हो गया कि "हर्ष सबसे ज्यादा प्रेम किससे करता है?
