कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 3 • कथा a1MINa2BGQxGEbYAmZAD
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स्वामी रामकृष्ण परमहंस के जीवन की एक और अद्भुत और प्रसिद्ध घटना है, जो यह दर्शाती है कि उनके लिए 'माँ काली' केवल एक पत्थर की मूर्ति नहीं, बल्कि एक जीवंत सत्य थीं। यह घटना तब की है जब वे दक्षिणेश्वर मंदिर में पुजारी थे। उनके भक्ति भाव को देखकर कई लोग उन्हें 'पागल' समझने लगे थे। दक्षिणेश्वर के मंदिर में रामकृष्ण अक्सर घंटों माँ की मूर्ति के सामने बैठकर उनसे बातें करते थे। एक दिन, जब वे भोग (प्रसाद) लगाने बैठे, तो उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसने वहां मौजूद अन्य पुजारियों और मथुर बाबू (मंदिर के संरक्षक) को चौंका दिया।
