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पौराणिक कथाएँ 3
पौराणिक कथाएँ 3
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 3 • कथा bSYIaK0trReEZnWDj0Vf
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जब भगवान श्री राम का पृथ्वी पर अवतार कार्य पूर्ण हो गया, तो उन्होंने अपने धाम (वैकुंठ) वापस जाने का निर्णय लिया। काल (समय/यमराज) को अयोध्या आना था ताकि वे प्रभु को उनके समय की समाप्ति की सूचना दे सकें। लेकिन एक बहुत बड़ी बाधा थी—हनुमान जी। हनुमान जी श्री राम के इतने अनन्य भक्त और रक्षक थे कि उनकी उपस्थिति में काल (यमराज) की तो क्या, स्वयं मृत्यु की भी हिम्मत नहीं थी कि वह अयोध्या के भीतर कदम रख सके या प्रभु के पास पहुँच सके।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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