कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 50 • कथा URbc3OzyABx8NL9NHx6I
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स्वामी विवेकानंद के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण घटना 1893 का शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन है। यह वही पल था जिसने भारत की आध्यात्मिक शक्ति का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया। जब विवेकानंद शिकागो पहुँचे, तो उनके पास न तो किसी संस्था का आधिकारिक निमंत्रण था और न ही रहने का सही ठिकाना। कड़कड़ाती ठंड में उन्होंने एक मालगाड़ी के डिब्बे में रात बिताई थी। 11 सितंबर, 1893 को जब उनकी बारी आई, तो उन्होंने अन्य वक्ताओं की तरह 'लेडीज एंड जेंटलमैन' नहीं कहा। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत की— (मेरे अमरीकी भाइयों और बहनों!
