कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 50 • कथा rCV1GlEDvP9fOseGH3ST
1 / 4
गृहेश्वर (घुश्मेश्वर) ज्योतिर्लिंग की कथा शिव पुराण के कोटिरुद्र संहिता में वर्णित है। यह कथा अटूट श्रद्धा और भगवान शिव की असीम कृपा की कहानी है। प्राचीन काल में दक्षिण देश के देवगिरि पर्वत के निकट सुधर्मा नाम के एक विद्वान ब्राह्मण रहते थे। उनकी पत्नी का नाम सुदेहा था। वे दोनों सुखी थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। संतान न होने के कारण सुदेहा बहुत चिंतित रहती थी। उसने अपने पति सुधर्मा का विवाह अपनी छोटी बहन घुश्मा से करा दिया। घुश्मा भगवान शिव की अनन्य भक्त थी। वह प्रतिदिन 101 पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करती और पास के सरोवर में उन्हें विसर्जित कर देती थी।
