कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 30 • कथा 2jsouRQ1Fs8c1UUTMecq
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दुर्गा सप्तशती, जिसे 'देवी महात्म्य' भी कहा जाता है, मार्कण्डेय पुराण का एक अंश है। इसमें देवी दुर्गा के शौर्य, शक्ति और असुरों पर उनकी विजय की गाथा 700 श्लोकों में वर्णित है। इसकी मुख्य कथा तीन प्रमुख भागों में विभाजित है, जो हमें राजा सुरथ और समाधि नामक वैश्य के माध्यम से सुनाई जाती है। 1. प्रथम चरित्र: मधु-कैटभ वध कथा की शुरुआत तब होती है जब राजा सुरथ और समाधि वैश्य, अपने-अपने जीवन में धोखा मिलने के बाद, महर्षि मेधा के आश्रम में मिलते हैं। महर्षि उन्हें बताते हैं कि यह सब 'महामाया' की शक्ति है। पृष्ठभूमि: सृष्टि के आरंभ में जब भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में थे, तब उनके कान के मैल से मधु और कैटभ नाम के दो भयंकर असुर पैदा हुए।
