Skip to main content
Part 1 of 4
Aa
पौराणिक कथाएँ 30
पौराणिक कथाएँ 30
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 30 • कथा zBl18fINhMP2K2b9JfVN
1 / 4

अयोध्या के राजा दशरथ के पास वैभव, पराक्रम और प्रजा का प्रेम सब कुछ था, लेकिन एक गहरी चिंता उन्हें खाए जा रही थी—उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं था। सूर्यवंश का दीपक बुझने की कगार पर था। यज्ञ का संकल्प: राजा दशरथ अपने गुरु महर्षि वशिष्ठ के पास गए और अपनी व्यथा सुनाई। वशिष्ठ जी ने उन्हें 'पुत्रकामेष्टि यज्ञ' करने की सलाह दी और श्रृंगी ऋषि को इस महान अनुष्ठान का नेतृत्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
1 / 4