कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 38 • कथा SskkETuzVYQ7OpW9exQo
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राजस्थान के प्रतापगढ़ की पावन भूमि पर स्थित रोकड़िया हनुमान मंदिर श्रद्धा, आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यह मंदिर सैकड़ों वर्ष प्राचीन है और यहाँ विराजमान हनुमानजी की मूर्ति स्वयंभू (स्वतः प्रकट) मानी जाती है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में इस स्थान पर एक साधु तपस्या करते थे। एक रात उन्हें स्वप्न में दिव्य प्रकाश दिखाई दिया और उसी स्थान से तेज़ आभा प्रकट हुई। अगले दिन ग्रामीणों ने वहाँ भूमि को हल्का सा खोदा तो सिंदूरी आभा से युक्त हनुमानजी का मुख प्रकट हुआ।
