श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 4 : Kishkindhakand • अध्याय 6WfHZDskGHJy9HzgdTH8
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वानरराज सुग्रीव की कठोर आज्ञा पाकर समस्त दिशाओं में प्रस्थान करने वाले वानर वीर असीम उत्साह से भर गए। वे सब अपनी-अपनी शक्ति और पराक्रम का बखान करते हुए राजा सुग्रीव के सम्मुख उपस्थित हुए। वानरों ने सिंहनाद करते हुए कहा कि हम समुद्रों को लांघ जाएंगे, पर्वतों को चूर्ण कर देंगे और पाताल से भी जानकी जी को खोज निकालेंगे। अपनी सेनाओं का यह अदम्य पौरुष देखकर सुग्रीव अत्यंत संतुष्ट हुए। समस्त वानर दल टिड्डियों के विशाल समूह की भाँति पृथ्वी को आच्छादित करते हुए अपनी-अपनी दिशाओं की ओर चल पड़े।
