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Ramayana Part 4 : Kishkindhakand
Ramayana Part 4 : Kishkindhakand
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 4 : Kishkindhakand • अध्याय 7hZj9Q7d2qPHzwMUbK6Y
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महाबली वाली श्रीराम के अमोघ बाण से आहत होकर समरभूमि में धूलिधूसरित पड़ा हुआ था। जब यह अत्यंत दारुण समाचार किष्किन्धा की गुहाओं में पहुँचा, तो राजप्रासाद में हाहाकार मच गया। वाली की परम विदुषी और पतिव्रता पटरानी तारा ने जब सुना कि उनके स्वामी श्रीराम के बाण से धराशायी हो गए हैं, तो उनके हृदय पर वज्रपात हो गया। वे असीम शोक और व्याकुलता से भरकर अपने सुकुमार पुत्र कुमार अंगद को साथ लेकर तुरंत अंतःपुर से बाहर निकलीं। उनके नेत्रों से अश्रुओं की अविरल धारा प्रवाहित हो रही थी।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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