श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 4 : Kishkindhakand • अध्याय 9vVeLBK0rXCfB9AkRoaU
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श्रीराम की आज्ञा पाकर वानरराज सुग्रीव, श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी सहित किष्किन्धा की ओर बढ़े। नगर के मुख्य द्वार के समीप घने वनों में श्रीराम और लक्ष्मण वृक्षों की ओट में छिपकर खड़े हो गए। सुग्रीव ने अपनी कमर कस ली और वाली को ललकारने के लिए आकाश को भेदने वाली भीषण सिंहगर्जना की। उस गर्जना से संपूर्ण किष्किन्धा नगरी कांप उठी। अपने छोटे भाई की ऐसी निर्भीक ललकार सुनकर महाबली वाली का मुख क्रोध से तमतमा उठा और वह अस्ताचलगामी सूर्य के समान प्रचंड वेग से राजभवन से बाहर निकला।
