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Ramayana Part 4 : Kishkindhakand
Ramayana Part 4 : Kishkindhakand
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 4 : Kishkindhakand • अध्याय OsCT9EGzNj8VUOdoBImM
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पवनपुत्र हनुमान जी ने दोनों रघुवंशी भ्राताओं को ऋष्यमूक पर्वत के सुरम्य परिसर में आदरपूर्वक स्थापित किया। इसके उपरांत वे मलय पर्वत के शिखर पर विराजमान वानरराज सुग्रीव के समीप पहुँचे। हनुमान जी ने सुग्रीव को श्रीराम और लक्ष्मण का विस्तृत और यथार्थ परिचय दिया। उन्होंने बताया कि ये इक्ष्वाकु वंश के शिरोमणि महाराज दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र श्रीराम हैं। ये अपने पिता के सत्य-वचन और धर्म की मर्यादा का पालन करने के उद्देश्य से वन में आए हैं। ये समस्त लोकों के स्वामी और शरणागतों के परम रक्षक हैं।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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