कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 31 • कथा IOvNm4OYHk3K9eK7WOH0
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रामचरितमानस के अरण्य कांड में ऋषि शरभंग की कथा बहुत ही मर्मस्पर्शी और भक्ति से भरी हुई है। यह कहानी हमें एक भक्त के धैर्य और भगवान के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा की सीख देती है। शरभंग जी एक महान तपस्वी थे जिन्होंने अपनी कठिन तपस्या से ब्रह्मलोक (स्वर्ग का सर्वोच्च स्थान) प्राप्त कर लिया था। स्वयं देवराज इंद्र उन्हें लेने के लिए विमान लेकर आए थे, लेकिन शरभंग ऋषि ने स्वर्ग जाने से मना कर दिया। उनका कारण बहुत स्पष्ट था: उन्हें पता चला था कि भगवान श्री राम वनवास के दौरान दंडकारण्य आने वाले हैं।
