कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 31 • कथा ZaEtaLQiGOaFYX6A71fl
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एक नगर में एक व्यक्ति रहता था जो अपने जीवन की समस्याओं और दुखों से बहुत परेशान था। उसने हर संभव प्रयास किए, लेकिन उसे शांति नहीं मिली। एक दिन उसके एक मित्र ने सलाह दी, "मित्र, तुम भगवान श्रीकृष्ण की शरण में जाओ। उनकी भक्ति में बड़ी शक्ति है, वे तुम्हारे सारे कष्ट हर लेंगे। " मित्र की बात मानकर वह व्यक्ति बाजार से भगवान श्रीकृष्ण की एक सुंदर मूर्ति ले आया और उसे अपने घर के मंदिर में स्थापित कर दिया। वह रोज सुबह-शाम धूप-दीप जलाता और प्रार्थना करता। देखते-देखते कई साल बीत गए, लेकिन उसके जीवन की परिस्थितियां नहीं बदलीं। वह और ज्यादा निराश हो गया। तभी उसे एक दूसरा मित्र मिला। उसने कहा, "अरे, कृष्ण तो कोमल स्वभाव के हैं। तू मां काली की पूजा कर! वे दुष्टों का संहार करती हैं और तुरंत फल देती हैं।
