कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 31 • कथा b49voEZNQleOEmBVp2P4
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श्री घमण्ड देव जी की यह कथा ब्रज के भक्ति साहित्य में बहुत प्रसिद्ध है। यह कहानी सिखाती है कि कैसे एक अहंकारी विद्वान, राधा नाम के प्रभाव से एक परम भक्त बन गया। श्री घमण्ड देव जी की दिव्य कथा 1. एक अहंकारी विद्वान का आगमन घमण्ड देव जी दक्षिण भारत के एक बहुत बड़े विद्वान थे। उन्हें शास्त्रों, व्याकरण और तर्कशास्त्र का इतना ज्ञान था कि वे पूरे भारत में विद्वानों को शास्त्रार्थ में हराकर 'विजय पत्र' इकट्ठा करते थे। उनके मन में अपनी विद्या का बहुत अहंकार था, इसलिए लोग उन्हें इसी नाम से जानने लगे। 2. श्री हरिव्यास देव जी से भेंट अपनी विजय यात्रा के दौरान वे वृंदावन पहुँचे।
