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Mahabharata Part 2 : Sabhaparva
Mahabharata Part 2 : Sabhaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 2 : Sabhaparva • अध्याय 3IRYQkeSjyi76xTtaokT
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देवर्षि नारद द्वारा पिता पाण्डु का संदेश सुनाए जाने के बाद धर्मराज युधिष्ठिर के मन में राजसूय महायज्ञ संपन्न करने का तीव्र विचार जागृत हुआ। उन्होंने अपने विवेकशील मंत्रियों, अनुज भाइयों और कुलगुरु धौम्य से इस विषय पर गहरा विमर्श किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि धर्मराज इस महायज्ञ के सर्वथा योग्य हैं। किंतु युधिष्ठिर ने सोचा कि जब तक संसार के सबसे ज्ञानी और हितैषी भगवान श्रीकृष्ण का मार्गदर्शन न मिले, तब तक कोई अंतिम निर्णय लेना उचित नहीं होगा।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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