श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 2 : Sabhaparva • अध्याय 80E9vua2SOVnggtKlWpa
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राजसूय यज्ञ के पावन अनुष्ठान अपने अंतिम चरण में पहुंच रहे थे और सभा में उपस्थित समस्त राजाओं और ऋषियों का यथायोग्य सत्कार किया जा रहा था। पितामह भीष्म ने धर्मराज युधिष्ठिर को परामर्श दिया कि इस विशाल सभा में उपस्थित सर्वश्रेष्ठ पुरुष की सर्वप्रथम अग्रपूजा की जानी चाहिए। युधिष्ठिर ने अत्यंत विनम्रतापूर्वक भीष्म से पूछा कि इस संपूर्ण भूमंडल पर ऐसा कौन सा महापुरुष है जो सबसे पहले पूजे जाने के योग्य है।
