श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 15 : Ashramavasikaparva • अध्याय fMsFPperuBZyPptEqPom
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महात्मा विदुर के परमपद प्राप्त करने के उपरांत धर्मराज युधिष्ठिर ने कुरुक्षेत्र के तपोवन में निवास करने वाले अनेक तपस्वियों और ऋषियों के दर्शन किए। युधिष्ठिर ने सभी मुनियों को स्वर्ण, ताम्र पात्र, मृगचर्म, कंबल और उपयोगी वस्तुएं सादर भेंट कीं। इसके बाद वे पुनः महाराज धृतराष्ट्र के आश्रम में लौट आए।
