Skip to main content
Verse 1 of 22
Aa
Mahabharata Part 18 : Svargarohanaparva
Mahabharata Part 18 : Svargarohanaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 18 : Svargarohanaparva • अध्याय SRqEwUW8kc1Jm9a5ylzS
1 / 22

मंदाकिनी नदी के पावन जल में स्नान करने के उपरांत महाराज युधिष्ठिर ने दिव्य देह धारण की और समस्त मानवीय क्लेशों से मुक्त हो गए। देवताओं और महर्षियों की स्तुति सुनते हुए वे उस परम पावन दिव्य धाम में प्रविष्ट हुए जहां देवाधिदेव भगवान श्रीकृष्ण अपने मूल ब्रह्मरूप में विराजमान थे। उनके श्रीअंगों से करोड़ों सूर्यों के समान दिव्य ज्योति प्रस्फुटित हो रही थी। चक्र, शंख और गदा आदि दिव्य आयुध शरीर धारण कर उनकी सेवा में उपस्थित थे।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
1 / 22